एक रोजा हज तरबियती कैम्प मे 1000 आजमीने हज ने ली ट्रेनिंग

बिजनौर । सेंट्रल हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देश पर आज सम्राट फार्म मंडावर रोड बिजनौर में एक विशाल हज तरबियती कैंप का आयोजन किया गया जिसमें इस वर्ष जनपद बिजनौर से हज यात्रा पर जाने वाले करीब 1000 आजमीने हज ने भाग लिया और ट्रेनिंग ली। कैंप का शुभारंभ हाफिज मोहम्मद कलीम की तिलावते कलाम ए पाक व मौलाना अब्दुल कादिर की नाते पाक से हुआ। कैंप में आए आजमीने हज को जनपद में पहली बार डिजिटल के बड़े पर्दे के माध्यम से ट्रेनिंग देते हुए हज ट्रेनर हाजी अयूब अहमद ने बताया की हज मुसलमान की जिंदगी में सबसे अहम वाकयात में से एक है इसलिए हज को अदा करने की मंसूबा बंदी में काफी वक्त लगता है जोकि अपने आप में एक अमल है।हज की अहमियत को समझते हुए आप अपने आप को दीनी जिस्मानी जहनी और माली तौर पर तैयार करें । सफर ए हज पर रवाना होने से पहले इस बात को यहीं देख लें कि आपके तमाम दस्तावेज सही हैं अपने पासपोर्ट और टिकट की फोटोकॉपी बनवाएं और उसे अपने सामान में अलग से रखें ख्याल रहे की एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपने तमाम दस्तावेज, पासपोर्ट, टिकट, वीजा ,टीकों का कार्ड साथ रखें तथा यह भी ख्याल रखें कि अपने कागजात किसी अजनबी शख्स के हाथ में ना दें अपने साथ आजमीने हज सामान से मुताल्लिक हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देशो के अनुसार ही सामान ले जाएं , आजमीने हज को चाहिए कि वह एयरलाइन से अपने सामान का बैलेंस टैग जरूर हासिल करें और उसे हिफाजत के साथ अपने पास रखें ताकि सामान गुम हो जाने की सूरत में उसके जरिए हर्जाने का दावा कर सकें। आजमीने हज अपने सामान पर मार्कर पेन से अपना कवर नंबर, नाम, पता, फ्लाइट नंबर, मरकज, रवानगी की दिनांक तहरीर करें ताकि पहचान करने में सहूलियत हो।नजीबाबाद से आये जिला हज ट्रेनर इंजी0 मुअज्जम ने अपने संबोधन में आजमीने हज को हज के सफर की तैयारी, उमरा, तवाफ, सफा, मरवा की सई के संबंध में बताते हुए कहा कि अहराम बांधकर उमरे की नियत कर हरम शरीफ में आकर तवाफ करना है तवाफ शुरू करने से पहले आप खाना-ए-काबा के उस कोने में आ जाएंगे जहां हजरे अस्वद नसब है इसकी तरफ हाथ उठाकर तवाफ का चक्कर शुरू किया जाता है इस कोने पर पहुंचकर आप लब्बैक को आखिरी मर्तबा कह कर खत्म कर दें सीधा कंधा खुला रखें और इस तरह सीधे हाथ की बगल से हराम का कपड़ा निकाल कर बाएं हाथ के कंधे पर डालें इसको इस्तबा कहते हैं हजरे अस्वद के सामने इस तरह खड़े हो कि पूरा हजरे अस्वद आपके दाहिनी जानिब हो जाए फिर तवाफ की नियत करते हुए अपने दाहिने ओर से चक्कर शुरू करते हुए तवाफ पूरा करें फिर 2 रकात नमाज वाजिबुल तवाफ पढ़कर दुआ से फारिग होने के बाद आप पेट भर कर जमजम पीजिए और सफा मरवा की सई कीजिए, सई करने के उपरांत बाल कटवाकर उमरा पूरा करें।
डॉक्टर अनीस फसीह बिजनौर ने आजमीन को उनके स्वास्थ्य के संबंध में संबोधित करते हुए कहा सफर ए हज पर जाने वाले आदमी अगर किसी दायमी बीमारी से युक्त है तो इलाज व बीमारी से संबंधित कागजात अपने साथ रखें। आजमीने हज हेल्थ कार्ड, जरूरी दवाई के साथ डॉक्टर की पर्ची भी अपने साथ रखें क्योंकि कुछ खास दवाइयां फौरी तौर पर दस्तयाब नहीं हो पाती ऐसे आदमी जो शुगर हाई ब्लड प्रेशर हर्ट डिसीज में मुब्तला हो तो उन्हें अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है ताकि हज के अरकान मुकम्मल सेहत और तंदुरुस्ती के साथ अदा कर सकें। हालत ज्यादा खराब होने की सूरत में अपने पास के भारतीय अस्पताल से संपर्क करें ।
कैंप में पहुंचने पर राशिद हुसैन, सलीम अख्तर एडवोकेट, हाजी दानिश अख्तर, साईम राजा, शमशाद अंसारी, मोहम्मद तालिब सिद्दीकी, डॉ. जमील अहमद खान, मोहम्मद आसिफ उर्फ चांद, महमूद कस्सार,असलम परवेज, वसीम कुरेशी, मोहम्मद कासिम ने स्वागत किया ।
कैंप के सफल आयोजन में हाजी जहीर अहमद, हाजी जहीर अहमद , हाजी सिराज रब्बानी, हाजी खलील अहमद, हैदर अय्यूब, अनवार अहमद, कलीम अहमद, मोहम्मद रफी, खुर्शीद अहमद, असलम ठेकेदार, मोहम्मद जाकिर, वसीम अहमद ,विक्की, जुल्फकार एडवोकेट ,मोहम्मद शहजाद गप्पल आदि का सहयोग रहा।कैंप के समापन पर कारी अफजाल अहमद साहब ने दुआ कराई और कैंप संयोजक अहमद खिजर खान में सभी का आभार व्यक्त किया।ब्

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