31 मई 2018
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत तालाब निर्माण पर शासन द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान किसानों को दिया जा रहा है। इसलिए इच्छुक किसान कृषि विभाग की वेबसाईट पर अपना पंजीकरण करा लें तथा पंजीकरण के साथ खेत तालाब एवं स्प्रिकंलर सेट का चयन करें।
आयुक्त चित्रकूटधाम मण्डल बांदा श्री राम विशाल मिश्रा ने उपरोक्त निर्देश मयूर भवन सभागार में सम्पन्न कृषि विभाग के अधिकारियों की बैठक में दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं में शासन द्वारा प्रदान किये जा रहे अनुदान के सम्बन्ध में अधिक से अधिक किसानों को जानकारी दी जाए तथा इन योजनाओं के अन्तर्गत पात्र किसानों का ही चयन किया जाए। आयुक्त ने बताया कि पंजीकृत कृषकों के प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर खेत तालाब निर्माण हेतु चयन किया जायेगा। एम.एन.एस.ए. योजना के अन्तर्गत क्लस्टर समूह के कृषिकों को परिस्थिति के अनुसार विभिन्न कार्य पद्धतियों यथा- औद्यानिकी, कृषि वानिकी, सब्जी एवं फूलों की खेती हेतु ग्रीन हाउस एवं लो टनल पाली हाउस, पशुधन विकास, मत्स्य विकास, मधुमक्खी पालन, मूल्य संवर्धन आदि में अनुदान सुविधा अनुमन्य है।
आयुक्त ने भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक-एक क्लस्टर का चयन ग्रामसभा की खुली बैठकों में कराना सुनिश्चित करें तथा इस योजना में पूर्ण पारदर्शिता रखी जाए। आयुक्त ने बताया कि बागवानी आधारित खेती प्रणाली पर कृषक को एक हेक्टेयर में कुल उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु0 25 हजार अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही पशुधन आधारित फसल प्रणाली पर एक कृषक को एक हेक्टेयर में कुल उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु0 25 हजार अनुदान प्रदान किया जायेगा।
आयुक्त ने बताया कि दुधारु पशु आधारित फसल प्रणाली एक कृषक को एक हेक्टेयर में कुल उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु0 40 हजार, दो दुधारु पशुओं के क्रय हेतु प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ट्री/सिल्वी पाश्चर फार्मिंग सिस्टम पर एक कृषक को एक हेक्टेयर में कुल उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु0 15 हजार प्रति हेक्टेयर अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसी प्रकार मत्स्य आधारित फसल प्रणाली पर एक कृषक को एक हेक्टेयर में कुल उत्पादन लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम रु0 25 हजार अनुदान देय होगा।
आयुक्त ने बताया कि फसल प्रणाली के अन्तर्गत अधिकतम रु0 10 हजार प्रति हेक्टेयर अनुदान प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि ग्रीन हाउस निर्माण पर लागत का 50 प्रतिशत तथा अधिकतम रु0 2.65 लाख का अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही मुधमक्खी पालन में लागत का 40 प्रतिशत अधिकतम रु0 800 प्रति आठ फ्रेम की कालोनी एवं 800 रु0 प्रति छत्ता ( 50 कालोनी प्रतिछत्ता प्रति लाभार्थी तक) अनुदान देय होगा। आयुक्त ने बताया कि साईलेज मेकिंग हेतु रु0 1.25 प्रति कृषक परिवार को अनुदान देय होगा। उन्होंने
बताया कि पोस्ट हार्वेस्ट स्टोरेज पर लागत का 50 प्रतिशत 04 हजार रु0 प्रतिघन मीटर सीमा तक भण्डारण एवं प्रसंस्करण हेतु अधिकतम रु0 02 लाख प्रति यूनिट दिया जायेगा। इसी प्रकार वर्मी कम्पोस्ट/जैविक/हरी खाद हेतु लागत का 50 प्रतिशत रु0 125 प्रतिघन फुट की स्थायी संरचना हेतु अधिकतम रु0 50 हजार प्रति यूनिट और एच.डी.पी.ई. वर्मी हेतु 08 हजार रु. प्रति यूनिट अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसी प्रकार हरी खाद हेतु लागत का 50 प्रतिशत रु0 02 हजार प्रति हेक्टेयर की सीमा तक 02 हेक्टेयर क्षेत्र तक अनुदान दिया जायेगा।
आयुक्त ने बताया कि मृदा, जल, फसल प्रबन्धन पर जलवायु परिवर्तन के अनुरुप समेकित कृषि कार्य/कृषि पद्धतियों की अवधारणा हेतु खेतों पर प्रदर्शन सहित कृषक प्रशिक्षण सहित 20 अथवा अधिक प्रतिभागी/कृषकों के प्रति प्रशिक्षण हेतु 10 हजार रु0 एवं 50 या अधिक सहभागियों प्रति प्रशिक्षण हेतु 20 हजार रु0 का अनुदान प्रदान किया जायेगा।
आयुक्त ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपरोक्त योजनाओं के सम्बन्ध में दिए जाने वाले अनुदान की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी दी जाए।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि श्री वी.के.सिंह तथा कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।