जनपद में होगी कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना: प्रभारी मंत्री डा. महेश शर्मा 

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जनपद में होगी कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना: प्रभारी मंत्री डा. महेश शर्मा
जिले के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
चित्र संख्या 01 व 02 तथा फोटो कैपशन
बहराइच 14 जून। आकांक्षात्मक जनपद की समीक्षा के लिए विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान मा. राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति/पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन (एम.ओ.एस.) भारत सरकार/प्रभारी मंत्री जनपद बहराइच डा. महेश शर्मा ने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद में फूडपार्क की स्थापना की जायेगी। डा. शर्मा ने जनपद में केले की अधिक पैदावार के दृष्टिगत केरल राज्य की भांति बनाना चिप्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों को केरल भेजकर प्रशिक्षण दिलाये जाने का सुझाव दिया। इसी सन्दर्भ में उन्होंने मक्का आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए इसी प्रकार की कार्यवाही किये जाने का निर्देश दिया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनपद भ्रमण का मुख्य उद्देश्य यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्धजनों के सुझाव प्राप्त कर आकांक्षात्मक जनपदों के सम्बन्ध में मा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 17 जून को आयोजित होने वाली नीति आयोग की बैठक में आवश्यक सुझाव दिये जा सकें। उन्होंने मंत्रालय के अनु. सचिव अशोक कुमार को निर्देश दिया कि जनपद में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में पयर्टन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जनप्रतिनिधियों के सुझाव से कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जो भी परियोजना प्रारम्भ की जाये उसे कदापि अधूरा न छोड़ा जाय बल्कि उसे समय से पूरा कराया जाय।
डा. शर्मा ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि ग्राम में आयोजित होने वाली चैपालों में सम्बन्धित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आहवान्ह किया कि एक टीम भावना के साथ कार्य कर जिले को शीघ्र से शीघ्र सामान्य जनपद की श्रेणी में लाये जाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जनपदवासियों के लिए बड़े गौरव की बात है कि यहाॅ की घरती पर सुरम्य वनों से आच्छादित कतर्नियाघाट स्थित है। डा. शर्मा ने सभी से अपील की कि पृथ्वी को जलवायु परिवर्तन से बचाने में हर संभव सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ स्वयं भी प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करें।
डा. शर्मा ने आश्वस्त किया कि जनपद के विकास के लिए वह स्वयं उद्यमी से वार्ता कर जिले में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना कराये जाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं को क्रियान्वित करने में यदि कहीं पर कोई कठिनाई आ रही है तो उसे तत्काल उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में अवश्य लायें। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता प्रदान की जाय।
आकांक्षात्मक जनपद की समीक्षा के लिए विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शिक्षा के विकास के लिए समर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। इसके लिए प्रथम संस्था द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने ग्राम स्वराज अभियान के प्रथम चरण तथा द्वितीय के लिए चयनित योजनाओं के प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा किये जाने तथा रिमोट एरिया में कस्तूरबा गाॅधी आवासीय बालिका विद्यालयों की तर्ज पर स्कूल की स्थापना कराये जाने का सुझाव दिया।
सांसद बहराइच सुश्री साबित्री बाई फुले ने सुझाव दिया कि बाढ़ से पूर्व बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का सर्वे कराकर कारगर एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाय। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों मंे स्थापित इण्डिया मार्का हैण्डपम्पों का उच्चीकरण कराये जाने का भी सुझाव ताकि बाढ़ के समय लोगों को स्वच्छ पेयजल की दिक्कत न होने पाये। बैठक के दौरान सांसद ने रेलवे लाईन, रिंग रोड़ तथा किसानों को ऋण मुहैय्या कराये जाने के समबन्ध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
मा. राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) बेसिक शिक्षा, बाल विकास एवं पुष्टाहार, राजस्व एवं वित्त (एम.ओ.एस.) श्रीमती अनुपमा जायसवाल ने बहराइच को आकांक्षत्मक जनपद में सम्मिलित करने पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनपद मंे बहुत बड़ा वन क्षेत्र है। कतर्नियाघाट पर्यटन स्थल भी है। जिसे और भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनपद मंे माॅडल स्कूल की स्थापना हो जिसमें विद्यार्थीपरक हर सुविधाएं उपलब्ध हांे जिससे बच्चे प्रभावित होकर नियमित स्कूल जा सकें। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि बरसात को देखते हुए नालों आदि की सफाई करा दी जाय जिससे जलभराव की समस्या न उत्पन्न हो।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामकरन टेकड़ीवाल ने डाक बंगलों में कमरों की संख्या बढ़ाये जाने का सुझाव दिया। विधायक महसी सुरेश्वर सिंह ने आशा व एएनएम की मानीटरिंग, आयोजित चैपालों में अधिकारियांे की उपस्थिति, जनजाति के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाने, किसानों को बैंक ऋण दिलाये जाने का सुझाव दिया। उन्हांेने बताया कि सौभाग्य योजनान्तर्गत आमजन को बांस व बल्ली के सपोर्ट पर कनेक्शन दिया जा रहा जो दुर्घटना का कारण है। विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी ने ओडीएफ घोषित ग्रामों में शौचालयस निर्माण का सत्यापन कराये जाने, केला किसानों को बीमा का लाभ दिलाये जाने तथा जनपद में चिकित्सकों की कमी को दूर कराये जाने का सुझाव दिया। विधायक नानपारा के प्रतिनिधि पूर्व विधायक दिलीप कुमार वर्मा ने महाराजा सुहेल देव स्थल, बघेल ताल व चित्तौरा झील को विकसित करने व क्रय केन्द्रों पर किसानों के अनाज खरीदने के लिए उचित व्यवस्था कराये जाने का सुझाव दिया। इसके अलावा सासंद बहराइच प्रतिनिधि हरिशचन्द्र गुप्ता, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गुलाब चन्द्र शुक्ल द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन के सचिव आयुष/नोडल अधिकारी मुकेश मेश्राम, केन्द्रीय मंत्री के निजी सचिव सौरभ जैन आईएएस, पुलिस अधीक्षक सभाराज, सीएमओ डा. एके पाण्डेय, डीएफओ बहराइच आरपी सिंह, कतर्नियाघाट के जीपी सिंह, डीडीओ वीरेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित लोग मौजूद रहे।