आपदा से निपटने के लिए प्रेस, प्रशासन और पुलिस मिलकर कार्य करे:-जिलाधिकारी

आपदा से निपटने के लिए प्रेस, प्रशासन और पुलिस मिलकर कार्य करे:-जिलाधिकारी
हरिद्वार, 13 जुलाई। जिलाधिकारी दीपक रावत के निर्देशन में  राज्य निर्माण के बाद पहली बार जिला आपदा प्रबन्धन विभाग ने प्रेस क्लब सभागार में ‘आपदा प्रबन्धन एवं मीडिया’ विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन कर आपदा से पूर्व उससे निपटने के उपायों पर गम्भीरतापूर्वक विचार किया ताकि आपदा के बचाव कार्यों को समय से पूर्व पूर्ण कर होने वाले नुकसान को रोका जा सके।आपदा प्रबन्धन में मीडिया की भूमिका पर आयोजित कार्यशाला को अध्यक्षीय पद से सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि आपदा से निपटने के लिए प्रेस, प्रशासन और पुलिस मिलकर कार्य करे क्योंकि आपदा को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन उससे होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर गहन निगरानी की सलाह देते हुए कहा कि अतिक्रमण सहित आपदा के अन्य कारकों पर कार्य किया जाये तो जन तथा धन हानि को आसानी से रोका जा सकता है इसके लिए मीडिया का सहयोग महत्वपूर्ण है। सम्पूर्ण प्रदेश में हरिद्वार मीडिया की रचनात्मक भूमिका पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष की तैयारियों के परिणाम सकारात्मक रहेंगे। पुलिस अधीक्षक यातायात एवं अपराध नियंत्रण मंजूनाथ टी.एस. ने भूतकाल से
प्रेरणा लेकर भविष्य की योजना को सुदृढ़ बनाने के लिए जनता एवं प्रेस से सहयोग की अपील करते हुए
कहा कि 2013 की आपदा से राज्य आज तक उभर नहीं पाया और पूर्व में हुए अतिक्रमणों का हल
निकालें तथा नए अतिक्रमण न हों इसके लिए युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा। उन्होंने सम्भावित
आपदा तथा कांवड़ मेले के लिए मीडिया से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि हम सब मिलकर हरिद्वार को आदर्श जनपद बनाने के लिए कार्य करें। डिप्टी कलेक्टर अपर्णा ढौंडियाल ने आपदा प्रबन्धन
के लिए आपसी तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि जनता एवं मीडिया सहयोग करे तो प्रबन्धन कार्य और बेहतर होगा। जिला विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र चौहान ने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा
कि मीडिया प्रशासन की कमियां बताये और सुझाव भी दे तभी आपदा पूर्व तैयारियों को मूर्त
रुप दिया जा सकता है। जिला सूचना अधिकारी सुश्री अर्चना ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते
हुए सहयोग बनाये रखने की अपील की तथा आशा व्यक्त की कि स्थानीय जनता भी प्रशासन के साथ
सूचना साझा करे। प्रेस क्लब अध्यक्ष शिवशंकर जायसवाल ने जिला प्रशासन को मीडिया के सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि आपदा को रोका तो नहीं जा सकता लेकिन पूर्व में की गई तैयारियों से होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है और जिला प्रशासन को समय पर सही सूचना मिल जाये तो प्रबन्धन में सहायता मिलती है। वरिष्ठ पत्रकार प्रो. पी.एस. चौहान ने जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के समय मीडिया धरातल पर कार्य करता है। आपदा के लिए मानव को स्वयं जिम्मेदार बताते हुए कहा कि जब हम प्रकृति से छेड़छाड़ करते हैं तो वह आपदा के रुप में बदला लेती है और प्रकृति एवं विकास में यदि सामंजस्य बनाकर कार्य किया जाये तो आपदा से बचा जा सकता है।
उन्होंने अतिक्रमण तथा ड्रेनेज सिस्टम में सुधार का सुझाव देते हुए कहा कि मीडिया समय-समय
पर शासन एवं प्रशासन को सूचनायें देता रहता है तथा आपदा जैसी घड़ी में मीडिया प्रशासन के
साथ होगा। वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा ने सरकारी विभागों में समन्वय बनाने का सुझाव देते
हुए उन संवेदनशील क्षेत्रों की सूचना दी जहां वर्षा ऋतु में स्थिति विकराल हो जाती है। दीपक नौटियाल ने भौगोलिक स्थिति के अनुरुप प्रबन्धन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अतिक्रमण आपदा का प्रमुख कारक है। त्रिलोकचंद भट्ट ने आपदा को मानव निर्मित जोखिम बताते हुए विभिन्न आपदाओं में किए गए बचाव कार्यों को साझा किया तथा आगाह किया
कि भविष्य की आपदा जल संकट होगी। इससे पूर्व जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा कैन्तुरा ने
आपदा प्रबन्धन हेतु बनायी गई योजनाओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए कहा कि आपदा जैसे
संवेदनशील वातावरण से निपटने के लिए मीडिया का सहयोग अपेक्षित है और राज्य सरकार द्वारा आपदा
प्रबन्धन हेतु जारी की गई पांच करोड़ की धनराशि को प्रबन्धन एवं पूर्व की गई तैयारियों पर इस तरह लगाया जा रहा है कि आपदा के प्रभाव से जन तथा धन हानि को रोका जा सके। उन्होंने मीडिया से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सहयोग से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है और कुशल तथा योग्य जिलाधिकारी के निर्देशन में निश्चित ही आपदा प्रबन्धन अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। उन्होंने आपदा प्रबन्धन हेतु टोल फ्री नं.1077 सहित अन्य नम्बरों की भी जानकारी दी। इससे पूर्व प्रेस क्लब महासचिव ललितेन्द्र नाथ जोशी ने अतिथियों का अभिनन्दन
किया तथा समाजसेवा एवं आपदा जैसी स्थिति में प्रेस क्लब के सहयोग का आश्वासन दिया। विचार
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार बृजेन्द्र हर्ष, डॉ. रजनीकान्त शुक्ल, अविक्षित रमन, बालकृष्ण शास्त्री,
अमित शर्मा, संजय आर्य, मनोज रावत, रामेश्वरदयाल शर्मा, स. रघुवीर सिंह, गोपाल रावत, राधिका
नागरथ तथा कुमकुम शर्मा सहित सभी पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रेस क्लब सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी दीपक रावत ने तथा संचालन जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी श्री मति मीरा कैंथुरा ने किया।