थाना सिविल लाइन पुलिस द्वारा एक करोड़ रुपये की रंगदारी माँगने वाले तीन अभियुक्त गिरफ्तार

राजेन्द्र कुमार ब्युरो बदायूं
 बदायूं दिनाँक 29.09.18 को वादी मुस्लिम अली पुत्र हसमत अली निवासी वाकरपुर खरैर हाल निवासी आरिफपुर नावादा थाना सिविल लाइन जनपद बदायूँ संचालक सरकार अस्पताल आरिफपुर नवादा थाना सिविल लाइन जनपद बदायूँ को दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एक लिखित पत्र दिया गया जिसमें वादी से एक करोड़ रुपये रंगदारी के रुप में देने की धमकी दी गई वादी की तहरीर पर दिनाँक 01.10.18 को थाना सिविल लाइन जनपद बदायूँ पर अज्ञात में मुकदमा पंजीकृत हुआ जिसकी विवेचना उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह को प्राप्त हुई यह मामला स्थानीय स्तर पर मीडिया में काफी चर्चित हुआ। उक्त मामले के अनावरण हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद बदायूँ के निर्देशन में थाना सिविल लाइन प्रभारी को उचित दिशा-निर्देश उच्चाधिकारिगणों से प्राप्त हुए । थाना सिविल लाइन द्वारा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुखबिरों से जानकारी करने पर अरमान अंसारी पुत्र रियासत अली निवासी मो0 अरैला थाना दातागंज जनपद बदायूँ , फरदीन खां पुत्र इदरीश का निवासी मो0 बड़ा इमाम बोड़ा दातांज बदायूँ की पहचान कर अभियुक्तगण को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों अभियुक्तगण द्वारा बताया गया कि बाबू हसन पुत्र मुन्ने निवासी भसराला थाना अलापुर जनपद बदायूँ उपरोक्त घटना का मुख्य आरोपी है, जिसके द्वारा उक्त दोनों को पाँच-पाँच सौ रुपये देकर रंगदारी लेने हेतु लिखा गया पत्र वादी को भिजवाया गया था। उसके बाद बाबू हसन उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से रंगदारी मांगने के सम्बन्ध में हस्त लिखित पत्र भी बरामद हुआ जो उसके द्वारा वादी को भेजे पत्र में टाइप किया गया था। बाबू हसन उपरोक्त द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर बताया गया कि असरफ अली उर्फ मुफ्ती निवासी जलालाबाद जनपद शाहजहाँपुर घटना का मुख्य मास्टर माइंड है उसी के कहने पर घटना को अंजाम दिया गया था। व अरमान,फरदीन व बाबू हसन की गिरफ्तारी की जा चुकी है तथा अभियुक्त अशरफ अली उर्फ मुफ्ती की गिरफ्तारी शेष है।