गन्ना किसानों को पर्ची के लिए नही करनी पड़ेगी मारामारी


पीलीभीत
चीनी मिल से–4 दिन पहले ही मोबाइल पर एस.एम.एस. के जरिये पर्ची उपलब्ध करा दी जायेगी पीलीभीत जिला गन्ना अधिकारी  ने बताया है कि गन्ना किसानों को अब तौल पर्ची के लिए मारामारी नहीं करनी होगी। उन्हें 4 दिन पहले ही मोबाइल पर एस.एम.एस. के जरिये पर्ची उपलब्ध करा दी जायेगी। इस पर्ची में अंकित तय तिथि पर वह क्रय केन्द्र तक पहुँच कर अपनी फोटो आई.डी. दिखाने के बाद गन्ने की तौल करा सकेंगे। किन्हीं कारणों से यदि किसान अंकित तिथि पर अपना गन्ना तौल नहीं करा पाते हैं। तो यह एस.एम.एस. निरस्त मान लिया जायेगा। तथा उन्हें अगली पर्ची एस.एम.एस. कलेण्डर के पक्ष-कालम अनुसार जारी किया जायेगा। किसानों की सहूलियत के लिए सरकार नए पेराई सत्र में यह व्यवस्था सुरु  करने जा रही है। पीलीभीत जनपद में 5 चीनी मिलों से  90से95 हजार किसान जुड़े हैं जोकि गन्ना समिति   एवं गन्ना विकास परिषद   के माध्यम से अपने गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों को करते हैं। इन किसानों को क्रय केन्द्रों पर अपना गन्ना डालने के लिए अब गन्ना समिति अथवा चीनी मिलों के चक्कर नहीं काटने पडे़गें। गन्ना खरीद प्रक्रिया में पारदर्षिता लाने और किसानों को सहूलियत देने के मकसद से सरकार ने इस बार डिजिटल पर्ची उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। इसके तहत किसानों को रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एस.एम.एस. के जरिये तौल पर्ची भेज दी जायेगी। पर्ची में किसान का पंजीकरण संख्या, रकबा, गन्ना प्रजाति, बैंक का नाम व तौल दिनांक अंकित होगी। तय तिथि से 4 दिन पहले पर्ची भेजी जायेगी, जिससे किसानों को गन्ना तैयार करने में पर्याप्त मौका मिल जायेगा। तय अवधि में यदि किसान का पक्ष सुनने के बाद अगले पक्ष-कालम में नई पर्ची एस.एम.एस. जारी किया जायेगा। तीसरे मौके में भी अगर किसान अपना गन्ना नहीं डालता है तो उसको अलगी पर्ची पर एस.एम.एस. नहीं जायेगा। इसके बाद किसान को लिखित आवेदन समिति में करना होगा।

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