आसान सफर, पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

सौरभ राय

 

आसान सफर, पर एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मेट्रो रेल संचालन यू तो हम आते जाते किसी भी मेट्रो स्टेशन से ट्रेन को पकड़ कर आराम से अपने गंतत्व स्थान पर पहुच रहे है । परन्तु इसके पीछे की एक कुशल अनुभवी टीम जो इस पुरे प्राथमिक खंड में मेट्रो रेल की इस रफ्तार को बनाये रखने किए लिए हर वक़्त मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे है । जिसमे सबसे प्रमुख भूमिका रेल संचालन के लिए क्रू,कंट्रोलर कक्ष जो की ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन पर और ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो डिपो में बनाये गए डिपो कण्ट्रोल सेण्टर (डीसीसी) जहा से ट्रेन की हर चाल पर नजर रखने के साथ ट्रेन के अंदर लगे सीसीटीवी के माध्यम से भी नजर रखी जाती है।सुरक्षा की दृष्टी से बता दे की ट्रेन को चलाने वाला चालक जिसको ट्रेन ऑपरेटर (टीओं) कहते है और वो (डीसीसी) के साथ स्टेशन पे तैनात एससी,टीओं से भी बराबर संपर्क में रहता है (डीसीसी) यहाँ पर ट्रैफिक कंट्रोलर,असिस्टेंट ट्रैफिक,इंजीनियरिंग,सिग्नल्लिंग,ट्रैफिक,रोलिंग कंट्रोलर की नजरो में ट्रेन रहती है और स्टेशन पर तैनात एससी,टीओं को जो की इनको वायरलेस,फोन,और कंप्यूटर जिससे डिजिटल वौइस् ,विसुअल ,विडियो सर्विसलांस इन सब के माध्यम से सूचनाओ का आदान प्रदान स्टेशन पर बने सीआरए कक्ष से किया करते है ।और इसके साथ ही सभी स्टेशन पर लगे हुए स्पीकरो से ट्रेन संचालन से जुडी सूचनाये,या किसी यात्री का सामान जो की स्टेशन या ट्रेन में यात्रा करते समय भूल गया है तो उसको इस संचार माध्यम से घोषणा कर उनको सूचित किया जाता है या वो व्यक्ति किसी अन्य स्टेशन पर उतर गया है तो ये एससी,टीओं उस स्टेशन पर तैनात एससी,टीओं को घटना की जानकारी फोन से देता है और फिर उसी प्रक्रिया को दोहराने के साथ उस यात्री तक पहुच कर कुछ औपचारिकता लिखा पढ़ी करने के बाद उसके छुटे सामान को लौटा दिया जाता है अगर किसी यात्री को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी आती है ।तो ट्रेन में लगे इण्टरकॉम से सीधे ट्रेन ऑपरेटर के संपर्क में आ जाता है और उस यात्री का चेहरा ट्रेन ऑपरेटर को नजर आ जायेगा और वो उसकी समस्याओ को सुन वा देख भी सकता है और जरुरत के हिसाब से वो सूचना अपने उच्च अधिकारी को वायरलेस या फोन इनके माध्यम से अवगत कराता है।और निकटम स्टेशन पर वहा एससीटोओं,के साथ सीआरए भी प्लेटफार्म पर मौजूद रहेंगे।सभी स्टेशन पे रखे बीस अलग तरह के रजिस्टर जो की एससी,टीओ और कस्टमर रिलेशन असिस्टेंट की देख रेख में ड्यूटी पर आने वा ड्यूटी खत्म और इसके बीच पुरे दिन की रेल संचालन यात्रियों से जुड़ी समस्याएं जैसी चीजे इन विभिन्न रजिस्टर को भरना भी एक बहुत जिम्मेदारी वाली चीज रहती है क्या हमने कभी सोचा है की ये ट्रेन ऑपरेटर्स जो की रात में ट्रेन संचालन समाप्ति के बाद डिपो में ट्रेन को पहुचाने तक और फिर दुसरे दिन की ट्रेन चलाने की तैयारी में जहा ट्रेन को डिपो से निकाल कर स्टेशन पर 6 बजे से इसके संचालन को शुरू कर देना और इनका भोर में 4 बजे तैयार होकर अपने यात्रियों को उनके गंतत्व स्थान तक समय से उनको हर रोज पहुचाना ये अपने आप में काबिले तारीफ है । लखनऊ मेट्रो रेल के डायरेक्टर रोलिंग स्टॉक श्री महेंद्र कुमार और जी०ऍम श्री सुशिल कुमार की पूरी देख रेख में इन सभी ट्रेनो का संचालन रहता है रोलिंग स्टॉक और मेट्रो रेल को बनाने वाली कम्पनी एलसटॉम दोनों की संयुक्ता से सभी ट्रेन की बराबर नियमित जांच ट्रेन को एलिवेटेड ट्रैक पर ले जाने से पहले और ट्रेन का वापस रात ११ बजे डिपो में आने के बाद इसकी औपचारिक जांच की जाती है।और डिपो में खड़ी अन्य ट्रेनों का रोजाना ट्रायल भी किया जाता हैद्य

ष्ष्मिलो तक एलिवेटेड पर बिछी ये पटरियाष्ष् ष्ष्इनके ऊपर से गुजरते ये तारष्ष् ष्ष्इन्ही से मिलती है लखनऊ मेट्रो रेल को रफ्तारष्ष् इन सभी चीजों की भी समय समय पर इन चीजों की जाँच की जाता है रेल संचालन को सुगम बनाये रखने के लिए और ट्रेन संचालन ,ट्रायल और इसके रख रखाव से जुड़ी तमाम चीजों पर मेट्रो ऍमडी श्री कुमार केशव की पूरी संज्ञानता में रहता है और वो समय समय पर डिपो में खड़ी सभी ट्रेनों के चल रहे ट्रायल और ट्रेन से भी भ्रमण कर के जिसमे मेट्रो के यात्री भी रेल के चलने से उनको इससे हो रहे लाभ जिसमे समय की बचत,सुरछित माहौल मुख्य रूप से अपनी इस अनुभूतियो को व्यक्त भी कर रहे है ।

एलऍमआरसी के ये ट्रेन ऑपरेटर्स इनको देख कर यही लगता।

क्या रोक पाएंगी आंन्धी ,तुफान ,बरसात राहे इनकी ,जो ठान लिया है इन्होने की समय से ही हमको है पहुचना ।

एलऍमआरसी ने जो दे राखी है इनके कंधो पे जिम्मेदारियाए

बड़ी बह्खूबी से निभा रहे यह अपनी जिम्मेदारियाए

समय सेएहर रोज पहुचा रहे

लखनऊ मेट्रो रेल से इसकी आने जाने वाली हजारो सवारिया