इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग की बैठक सम्पन्न

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उन्नाव,22 दिसम्बर ।(आरएनएस)शहर के एबी नगर में मों0 अहमद की अध्यक्षता में इण्डियन यूनियन मुस्लिम लीग की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें स्वतत्रंता सग्राम सेनानी मौलाना मजहरूल हक की प्रतिमा पर श्रध्दासुनम अर्पित कर उनको याद किया गया।इस अवसर पर बैठक को सम्बोधित करते हुए मो0 अहमद ने कहा कि देश के समर्पित  स्वतत्रंता सग्राम सेनानी ,प्रखर शिक्षाविद,समाज सेवक ,लेखक और बिहार की विभूतियों में से एक मौलाना मजहरूल हक एक एैसे सच्चे देश भक्त और स्वतंत्रता सग्राम सेनानी रहे जिन्हे इतिहास और देश ने लगभग भुला दिया।उन्होने बताया कि सन 1866 में पटना जिले के बिहटा के बिहरपुर के जमीदार परिवार में जन्मे मौलाना मजहरूल हक ने लदंन में उच्च शिक्षा ग्रहण किया।लंदन में भी उन्होने सभी धर्मो एवं फिरको के लोगो को एक साथ लाने के लिए अन्जुमन इस्लामिया नाम की एक सस्था की स्थापना किया जिसमें भारत की स्थित और समस्याओं के बारे में प्रतिदिन विचार विमर्श किया जाता था।मों0 अहमद ने बताया कि महात्मा गांधी भी इसी सस्थांन में पहुंच कर मौलाना मजहरूल हक से मुलाकात किया था।1891 में लंदन से बिहार लौटनें के बाद पटना और छपरा में वकालत के साथ साथ सामाजिक सगंठनों में भी मौलाना मजहरूल हक ने अपना अतुलनीय योगदान दिया।सन 1897 में बिहार के सारण जिले में भीषण अकाल के दौरना राहत कार्यो में उनकी बडी भूमिका रही और फिर धीरे धीरे उनका जुडाव स्वाधीनता आन्दोलन की तरफ होने लगा।होम रोल मुवमेन्ट के अध्यक्ष बननें के बाद अग्रेजों के खिलाफ डा0 राजेन्द्र प्रसाद के साथ चम्पारण सत्याग्रह में सामिल हुए।उन्होने अपनी वकालत व अहम पदो को छोडकर पूरी तरह स्वाधीनता आन्दोलन में सामिल हो गए।उन्होने पर्दा प्रथा के खिलाफ जनचेतना जगाने का प्रयास किया।वे देश की गगां-जुमनी सस्ंक्रति और हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रबल हिमायती थे।उनका कहना था कि हम हिन्दू हो या मुसलमान,हम एक ही नाव पर सवार है और उबरेगें तों साथ और डूबेंगें तो साथ।इस बैठक के दौरान अपने विचार विमर्श करने वालों में से प्रमुख रूप् से कमलेश कुमार,आसिफ,इकरान फरीदी,डीसी आजाद,आलोक कुमार,दिनेश चन्द्र ,उमेश चन्द्र ,दिलशाद खान,मयकं अवस्थी,जाबिर,धर्मेन्द्र सिंह,जहीर अब्बास,नफीस,सोनू,मनोज,आफाक,मून,रेहान,मनीस अहमद ,मनोज श्रीवास्तव सहित सैकडो लोग मौजूद रहे।