धान मंडी में नाबालिक बच्चो से कराया जा रहा काम जांजगीर चांपा,

जांजगीर)18 जनवरी )।  नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत केरा सहकारी समिति धान मंडी में नाबालिक बच्चो से काम कराने का मामला सामने आया है जिसमे लगभग 8 से 10 बच्चो के द्वारा उनसे धान की बोरे की सिलाई और धान बोरे की सफाई कराया जा रहा है वही सारे बच्चो को कहना ये है कि उनको इस कार्य के लिए 1 रुपया प्रति बोरा सफाई के और 40 पैसे सिलाई प्रदान की जा रही है। गरिमत की बात है कि कुछ बच्चे स्कूल ड्रेस में ही खरीदी केंद्र में काम करते दिख रहे हैं. बच्चों के धान खरीदी केंद्र में काम करते और खरीदी केंद्र के कर्मचारी द्वारा 1 रुपये प्रति बोरा देने की बात जब मीडिया के कैमरे में कैद होने के बाद, खरीदी प्रभारी गोलमोल जवाब देते नजर आ रहा है, वहीं इस मामले में सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक ने जांच करने की बात कही है. जरा सोचिए कौन से मां -बाप चाहते होंगे कि उनका बच्चा स्कूल जाने की वजाय मजदूरी करे। लेकिन गरीबी और महंगाई के चलते जिम्मेवारियों व अपेक्षाओं के बोझ तले दबकर ये मासूम अपना जीवन नहीं जी पा रहे हैं। गरीबी के शिकार बच्चे अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए होटलों, दुकानों के अलावा अन्य काम करने में ही अपना हंसता खेलता बचपन गवां रहे है। वहीं नए शिक्षा सत्र की शुरुआत होते ही बच्चों को स्कूल भेजने के उद्देश्य से जगह-जगह जागरूकता रैलियां निकाली जाती हैं साथ ही स्कूलों में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य पर करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, ड्रेस, स्कूल बैग और मध्यांह भोजन की व्यवस्था भी की गई है। लेकिन यहां भी वास्तविकता कुछ और ही है। बच्चों को दी जाने वाली किताबों, कपड़ों से लेकर मध्यांह भोजन तक में चल रही कमीशनखोरी और धांधली किसी से छुपी नहीं हैं। सवाल तो यह है कि पेन कागज पकडऩे वाले हाथों और कंधों में जिम्मेदारियों का भारी भरकम बोझ मासूमों को उनका बचपन कब मिलेगा या फिर ऐसी ही होगी देश के भविष्य की तस्वीर है। अब देखने वाली बात होगी कि बच्चों से खरीदी केंद्र में काम कराने के मामले में क्या कार्रवाई होती है?

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