भाजपा के शागिर्द ही बन रहे मेनका गाँधी के हार का प्रमुख कारण–

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के भुत पुर्व मंडल अध्यक्ष और वर्तमान बुथ अध्यक्ष  धर्मेन्द्र मिश्रा ने अपनी ही  पार्टी के खिलाफ खड़े होकर गठबंधन प्रत्याशी का प्रचार प्रसार कर रहे है। 
लोकसभा चुनाव 2014 के प्रचंड जीत के बाद भाजपा के तत्कालीन पीपरपुर मंडल अध्यक्ष रहे और 10 लाख के ऊपर के योजनाओं का लाभ स्वयं भी लिया और अपने चाहने वालों को दिया ।लेकिन प्रधानी कि राजनीति में सलंगन होने के कारण इन्होंने अपनी किस्मत ग्राम सभा के चुनाव में भी आजमाई। लेकिन करारी हार का सामाना करना पड़ा ।समय कि बात है पूर्व मंडल अध्यक्ष का झुकाव गठबंधन प्रत्याशी कि ओर होता गया और ग्रामसभा के पद का आश्वासन दिया गया ।गठबंधन प्रत्याशी कि ओर से आफर और लोकसभा चुनाव 2019 में बूथ जीताने कि शर्त रखी गयी।जिससे स्वीकार करने में पूर्व मंडल अध्यक्ष कोई कौर कसर नही छोड़ी।और भाजपा के खिलाफ बगावत सुर अपना लिया।यहा तक कि ये महासय गठबंधन कि रैलीयों मे शिरकत करने लगे।प्राटी प्रेम से अधिक इन्हें व्यक्तिगत निजी स्वार्थ लगा। भाजपा के कुछ उच्च पदाधिकारी इस कार्य में पूर्व मंडल अध्यक्ष का साथ पुरी तरह से निभा रहे है।