गठबंधन टूटना दुर्भाग्यपूर्ण; मायावती का आरोप बेबुनियाद- फिरोज अंसारी

ऑडिशन टाइम्स न्यूज़,तुर्कपट्टी कुशीनगर। राजनीति में कोई किसी का स्थाई दुश्मन नहीं होता। दलों का गठबंधन सोच- समझकर  जनता की भलाई के लिए ही किया जाता है लेकिन कभी -कभी विचारों में मतैक्य नहीं होने की दशा में गठबंधन टूट जाते हैं जिससे दलों के साथ -साथ जनता को भी उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।उक्त बातें सपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष फिरोज अंसारी ने यहां एक वार्ता के दौरान पत्रकारों से कहीं ।श्री अंसारी ने कहा कि दलों का गठबंधन समय काल परिस्थिति व जनहित के मुद्दों  को लेकर होता है । सपा -बसपा व रालोद का गठबंधन भी प्रदेश के 85% दलितों; पिछड़ों व  अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्ग के गरीबों की भलाई के लिए हुआ था।लोकसभा में गठबंधन ने मजबूती से चुनाव लड़ा लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। मायावती द्वारा सपा मतदाताओं पर बसपा प्रत्याशियों को वोट नहीं देने का आरोप लगाकर गठबंधन तोड़ने के निर्णय पर अफसोस जताते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि सपा के मतदाता पार्टी के प्रति विश्वसनीय हैं अगर उनका समर्थन नहीं मिला होता तो बसपा सांसदों की संख्या शून्य से दस तक नहीं पहुंची होती। सत्य तो यह है कि बसपा के मतदाताओं ने सपा प्रत्याशियों का समर्थन नहीं किया जिससे सपा सांसदों की संख्या पिछले बार से भी कम हो गई ।श्री अंसारी ने कहा कि हम जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं। हम निराश व हताश नहीं हैं।भविष्य में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में  संघर्ष कर एक नई कहानी लिखेंगे तथा पार्टी को पुनः शीर्ष पर पहुचायेंगे। भाजपा को जीत की बधाई देते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि हम आशा और विश्वास करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी  देशवासियों से सबका साथ- सबका विकास व सबका विश्वास संकल्प के साथ देश में अमन व शांति कायम रखते हुए भारत को विश्व में अग्रणी बनाएंगे।

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