रियलिटी चेक में खुलासा, कोचिंग सेंटरों के मालिक नहीं जानते नियम

आगरा। सूरत के कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड में दर्जनों नौनिहाल अपनी जान गंवा बैठे थे लेकिन आगरा का प्रशासन अभी भी आगरा में एक बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। कुछ ऐसा ही दिख रहा है एत्मादपुर नगर में जहां घनी आबादी में संचालित दर्जनभर कोचिंग सेंटर में सैकड़ों बच्चे पढ़ने आते हैं लेकिन कोचिंग सेंटरों पर न तो ऐसी आपदा से निपटने का कोई इंतजाम है और ना ही रजिस्ट्रेशन। इस बात का खुलासा तब हुआ जब हमारी टीम में नगर के सभी कोचिंग सेंटरों का रियलिटी चेक किया।

हमने अपने रियलिटी चेक की शुरुआत नगर के बरहन तिराहे स्थित एक मार्केट के अंदर चल रही कोचिंग सेंटर से की जहां केएम क्लासेस के नाम से संचालित कोचिंग सेंटर में करीब 60 बच्चे मार्केट के अंदर बनी दो दुकानों में पढ़ रहे थे। कोचिंग सेंटर के संचालक और शिक्षक ने बताया कि उनके पास क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय द्वारा रजिस्ट्रेशन तो है लेकिन फायर बिग्रेड विभाग द्वारा किसी तरह का न तो कोई एनओसी है और नहीं कोई अन्य दस्तावेज।

संचालक महोदय से जब कहा गया कि आप इतने अंदर कोचिंग चला रहे हैं जो नियम के विरुद्ध है तो उल्टा नियम समझाने लग गए।

इसके बाद जब हम नगर के बरहन रोड स्थित विचित्रा क्लासेस पर पहुंचे तब तक रियलिटी चेक की भनक पाकर कई कोचिंग सेंटर अपनी सेंटरों का शटर गिराकर भाग खड़े हुए। लेकिन सतौली मोहल्ले हाईवे रोड पर स्थित एक बेसमेंट में यादवेंद्र क्लासेस नाम से कोचिंग चल रही थी जिसमें बिना शिक्षक के ही छात्र बेसमेंट में पढ़ रहे थे। यहां भी न तो किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन था और नहीं आग से निपटने का कोई इंतजाम। यह कोचिंग सेंटर पूरी तरह से प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहा था। ऐसा ही एक सेंटर भगत जी मार्केट में राजोरिया इंग्लिश क्लासेस का मिला यह भी बेसमेंट में संचालित था।

यहां के संचालक महोदय का कहना था कि हमें तो नियमों का पता ही नहीं कि कि प्रशासन द्वारा क्या नियम दिए गए हैं। अगर ऐसी कोई बात है तो खरीद लेंगे उपकरण और एन ओ सी भी करा लेंगे।

इससे पहले कि हम और कोचिंग सेंटरों पर पहुंचते सभी कोचिंग सेंटर संचालक अपने सेंटरों का शटर गिराकर ताला लगाकर फरार हो चुके थे। ऐसा नहीं है कि एत्मादपुर में केवल यही दो तीन कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनके अलावा अन्य कंपटीशन क्लासेस की सरस्वती क्लासेस, प्रिंस एजुकेशन सेंटर, मास्टरमाइंड मैथ क्लासेस, नेशनल ड्रीम नेट कंप्यूटर, प्रेम कंप्यूटर, राजीव गांधी यूथ कंप्यूटर साक्षरता मिशन, विचित्रा क्लासेज जैसे नामों से तमाम कोचिंग सेंटर दुकानों में खुले हुए हैं।

इस संबंध में जब एसडीएम एत्मादपुर अमरीश कुमार बिंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले ऐसे सेंटरों को चिन्हित किया जाएगा जो अवैध रूप से संचालित हैं और उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। अगर अवैध पाए जाते हैं तो ऐसे सेंटरों को बंद कराया जाएगा।

इन सबके बीच एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि करीब दो 2 साल पुराने सेंटर नियमों को ताक पर रखकर अब तक कैसे चल रहे हैं क्या प्रशासन को अब तक किसी बड़े हादसे का इंतजार है। अब देखने वाली बात होगी कि इस खबर को सामने लाने के बाद प्रशासन क्या कार्यवाही करता है?

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