सरकारी धन हड़पने वाले बीडीओ, सेक्रेटरी व लेखाकर के कारनामों की फ़ाइल दबाने की कोशिश

सीडीओ व डीसी मनरेगा की उदासीनता, डीएम के स्टार आदेश की भी अनदेखी

हरदोई। विकास खण्ड-अहिरोरी की ग्राम पंचायत-खाड़ाखेड़ा के आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण में सरकारी धन में बंदरबांट करने वाले भृष्ट अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।हालांकि जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है किन्तु मुख्य विकास अधिकारी-आनंद कुमार व डीसी मनरेगा प्रमोद कुमार चन्द्रौल भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान हैं, यही वजह है कि डीएम के स्टार आदेश को भी नजरअंदाज कर दिया गया, और फ़ाइल दबाने की कोशिश की जा रही है।
विदित हो कि अहिरोरी ब्लाक के ग्राम पंचायत-खाड़ाखेड़ा में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के नाम पर 1,55,250 का घोटाला किया गया। बिना एक भी ईंट लगाये तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी विमलेश गुप्ता व तत्कालीन एकाउंटेंट रमेश शुक्ला ने रुपये निकालकर बंदरबांट कर लिया था। जब प्रकरण की जांच हुई तो उक्त तीनों अधिकारियों की भृष्ट नीति उजागर हुई।
गंभीर वित्तीय अनियमितता का स्पष्ट प्रकरण होने के बाद जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच, कार्यवाही व आख्या उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, किन्तु सीडीओ ने 06 दिन बाद डीसी-मनरेगा से आख्या मांगी, जबकि डीसी-मनरेगा ने आख्या देने के बजाय फाइल फ़ाइल तक दबा ली।इससे स्पष्ट है कि स्पष्ट है जिलाधिकारी के कार्यवाही के आदेश के दो सप्ताह बाद भी भ्रष्टाचारी बीडीओ सुरेन्द्र कुमार गुप्ता, सेक्रेट्री विमलेश गुप्ता व लेखाकार रमेश शुक्ला पर अभी तक कोई कार्यवाही नही हुई। सूत्रों की माने तो सीडीओ व डीसी मनरेगा उक्त भृष्ट अधिकारियों पर मेहरबान हैं जिसके चलते कार्यवाही से बचाया जा रहा है।

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