आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद हॉस्पिटल ने ऐंठ लिए पैसे, सीएमओ ने लिया संज्ञान

आगरा। आर्थिक रुप से गरीब मरीज को बेहतर इलाज मिल सके और इलाज के अभाव में किसी गरीब मरीज की मौत न हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना को ताजनगरी के हॉस्पिटल पलीता लगाने में लगे हैं। इस आयुष्मान कार्ड का लाभ कोई उठा पायेगा या नहीं | क्यों कि  आयुष्मान कार्ड धारकों  को दुत्कार कर हॉस्पिटल से भगाया जा रहा है।

आगरा के कई बड़े हॉस्पिटल आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज नही कर रहे हैं बल्कि उन्हें दुत्कार कर हॉस्पिटल से भगाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला उस वक्त सामने आया जब एक बेटा अपने बुजुर्ग पिता को लेकर आगरा के एक बड़े हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना का बोर्ड देखकर इलाज कराने के लिए पहुंचा। लेकिन पीड़ित व्यक्ति के पास पैसे ना होने पर उसे भर्ती तक नहीं किया गया। पीड़ित बेटे ने जब आयुष्मान कार्ड का जिक्र किया तो हॉस्पिटल के स्टाफ ने कार्ड को ना चलने की बात कहते हुए वहां से उसे लौटा दिया। पीड़ित बेटे ने अपने बाप की जिंदगी बचाने के लिए घर का कुछ सामान बेचकर पैसा इकट्ठा किया और करीब ₹20000 हॉस्पिटल में जमा कराए जिसके बाद बुजुर्ग पिता को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया

पीड़ित बेटे ने इसकी जानकारी जब मीडिया कर्मियों को दी। आयुष्मान कार्ड की अनदेखी की खबर मीडिया की सुर्खियां बनी तो चिकित्सा अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले को संज्ञान में लिया गया जिसके बाद हॉस्पिटल में भी हड़कंप मच गया।बताया जाता है कि शिकोहाबाद निवासी 65 वर्षीय विजय पाल सिंह को पीलिया हो गया था। उसके पुत्र नरेंद्र शहर के सिनर्जी हॉस्पिटल में उपचार के लिए उन्हें लेकर आया था। आरोप है कि मरीज विजयपाल पर आयुष्मान कार्ड था। इसके बाद भी उससे ₹20000 जमा करा लिए गए। पुत्र ने गहने बेचकर अस्पताल में पैसे जमा कराएं। इस बीच इलाज पिता के भर्ती रहने पर लंबा चौड़ा बिल उसे थमा दिया गया। बेटे का कहना था कि डॉक्टरों ने साफ कहा कि जब तक पैसा पूरा जमा नहीं कराया जाएगा उसके पिता को छुट्टी नहीं की जाएगी।

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