बढ़ने लगा गंगा का जल स्तर, तटीय गांवों की चिंता बढ़ी

चंदौली। जहानिया,बलुवा सहित अन्य इलाको में इस साल जुलाई माह में औसत से पचास प्रतिशत कम बारिश हुई है। इससे लोग पानी के लिए परेशान हैं। दूसरी तरफ पहाड़ी इलाकों में बारिश का असर गंगा के जल स्तर पर दिखने लगा है। पिछले एक सप्ताह से गंगा के जल स्तर में बढ़ाव हो रहा है। चार दिन में 16 फीट तक गंगा का जल स्तर बढ़ गया है। बलुआ गंगा घाट पर स्थित मां गंगा का मंदिर डूब गया है। कछार तक पानी पहुंचने के बाद गंगा के तटवर्ती इलाकों की ओर पानी बढ़ने से तटीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।पिछले कुछ वर्षों से गंगा के जल स्तर में तेजी से उतार चढ़ाव हो रहा है। फरवरी महीना आते आते गंगा में रेत के टीले उभर आते हैं। वहीं इधर चार दिन पहले से अचानक गंगा के जल स्तर में तेजी से बढ़ाव हो रहा है। बलुआ, टांडाकला व तिरगॉवा गंगा घाट की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। बलुआ घाट पर मां गंगा मंदिर पूरी तरह डूब चुकी है। वहीं टांडाकला घाट पर मां घटवारी मंदिर को पानी स्पर्श करने लगा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार से ही गंगा का जल स्तर तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा रहा है। पिछले चौबीस घंटे में चार फीट तक जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर में बढोतरी से घाटों का संपर्क मार्ग टूटने लगा है। बलुआ गंगा घाट पर श्मशान घाट डूब गया है। क्षेत्र के रौना, कैली कुरहना, महुवरिया, महुआरी, महरौड़ा, महुअर, पूरा विजयी, पूरा गनेश, बलुआ, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, जमालपुर तिरगांवा, सरौली, टांडा खुर्द, भूसौला, हसनपुर, नादी आदि का भी यही हालत है। क्षेत्र के विजय नरायन पांडेय, मन्नू मिश्र, राजमणि पांडेय, दिनेश निषाद, शिव कुमार सिंह, सीताराम सिंह ने बताया कि इसी तरह गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी जारी रही तो बाढ़ की आशंका हो सकती है।

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