जनता को किया आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक

मॉक अभ्यास के माध्यम से एनडीआरएफ और जिला प्रशासन ने जिला अस्पताल फतेहपुर में आम जनता को किया आपदा प्रबंधन के बारे में जागरूक
जनपद फ़तेहपुर में आज जिला अधिकारी संजीव सिंह की पहल पर और उनकी मार्गदर्शन में वाराणसी से आई 11 वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने आज अभ्यास के दूसरे दिन एक्सरसाइज कर सदर हॉस्पिटल फतेहपुर में अपना करतब दिखाया। जिसमें जिला प्रशासन, अग्निश्मन दस्ता, पुलिस होमगार्ड, नगर निगम, एनसीसी, एनजीओ, स्वास्थ्य विभाग, पीएसी और एनडीआरएफ रेस्क्यू टीमों ने भाग लिया। अभ्यास में आपसी सामंजस के साथ मल्टीपल एवं बचाव का कार्य के बारे में बताया गया। रिहर्सल के दौरान जब आपातकालीन अलार्म बजा तो पूरा शहर भूकंप के झटकों से लगा और साथ ही कुछ देर में हॉस्पिटल के एक हिस्से में आग लग गई तथा हॉस्पिटल का कुछ हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। चारों तरफ चीख-पुकार की आवाजें आने लगी फायर ब्रिगेड हॉस्पिटल के सिक्योरिटी स्टाफ तथा हॉस्पिटल के मेडिकल स्टाफ और स्थानीय लोगो के साथ पीड़ितों को बचाने में जुट गए। उसके बाद विशेष रेस्क्यू टीम के तौर पर एनडीआरएफ़ को जिला अधिकारी के द्वारा बचाव कार्य के लिए बुलाया गया रेस्क्यू टीम ने  खतरों की जांच करते हुए सबसे पहले घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को शुरू कर अपने ऑपरेशंस को स्थापित किया। सर्च करने के बाद पाया गया कि कई व्यक्ति मलबे में गंभीर रूप से दबे पड़े हैं। तत्काल एनडीआरएफ की टीम ने ततपरता दिखाते हुए अपने उपकरणों से मलबे को काटते हुए व्यक्ति को निकालकर चिकित्सीय सहायता पहुंचाई इस दौरान हॉस्पिटल के एक हिस्से में लगी आग को काबू करने के लिए दमकल विभाग की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने बहादुरी का परिचय देते हुए काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग लगने से नीचे आने जाने के सभी रास्ते बंद हो गए, और हॉस्पिटल की पहली मंजिल पर कुछ लोग फंस गए जो मदद की गुहार लगाने लगे एनडीआरएफ़ की रेस्क्यू टीम ने अपनी कुशलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए रेस्क्यू के माध्यम से सभी फंसे मरीजों व उनके परिजनों को बाहर निकालकर चिकित्सा दिलवाई। एनडीआरएफ के जवान जब रेसकोर्स तिरंगे के साथ नीचे उतरे तो वहां उपस्थित हर कोई हैरत अंगेज प्रदर्शन को देखकर दंग रह गया और उन्हें सम्मान देते हुए तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया और एक स्वर में कहा कि इस तरह का अभ्यास निश्चित ही आपदा प्रतिरोधक समाज के निर्माण में सहायक होगा। जिला प्रशासन व हॉस्पिटल के द्वारा हॉस्पिटल से बाहर मरीजों की सहायता हेतु मेडिकल पोस्ट राहत शिविर का भी बंदोबस्त कर के दिखाया गया यहां पर हॉस्पिटल स्टाफ के द्वारा हॉस्पिटल में भेजे गए सभी मरीजों का तत्काल चिकित्सा प्रदर्शन करते हुए उनको पहले से निर्धारित लाला लाजपत राय हैलट कानपुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल काशीराम हॉस्पिटल कानपुर स्थानांतरित किया तथा आयु के सभी मरीजों को विशेष सुविधा देते हुए एंबुलेंस की सहायता से उनको तुरंत दूसरे हॉस्पिटल में सुरक्षित भेजा गया इसके बाद एनडीआरएफ द्वारा फाइनल सर्च किया गया तथा कोई भी मरीज नहीं होने की घोषणा की गई और डिब्रीफिंग के साथ मॉक अभ्यास को समाप्त घोषित किया गया।  इस मॉक अभ्यास में मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी फतेहपुर पप्पू गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभाकर, वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ विवेक निगम, चिकित्सालय प्रबंधक एनडीआरएफ की 11 सदस्य टीम के साथ एनडीआरएफ कमांडर रोहित कुमार भरद्वाज टीम कमांडर धीरेन्द्र कुमार अपनी 35 सदस्य टीम के साथ, सीओ सिटी पुलिस अपनी टीम के साथ, फायर सर्विस के एफएसओ अशोक कुमार सिंह अपने टीम और क्रांति फाउंडेशन के एनजीओ के साथ फतेहपुर व्यापार मंडल के सदस्य और अन्य लोग उपस्थित रहे।

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