स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के कारण किछौछा जलालपुर बसखारी मार्ग जाम की चपेट में

 अंबेडकरनगरबसखारी थाना क्षेत्र के नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा अंतर्गत स्थित सैय्यद मखदूम अशरफ सिमनानी बाबा के मजार पर दर्शन करने के लिए आए श्रद्धालुओं का हुजूम भारी संख्या में उमडता है ।श्रद्धालु यहां बाबा का दर्शन कर  अपनी मनोकामना को पूर्ण करते हैं ।बाबा की पवित्र स्थली पर साल के 12 महीना श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहता है। किंतु कुछ खास दिन ऐसे होते हैं जब श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है ।ऐसे में सड़कों पर लगे चार पहिया और बड़े वाहनों की वजह से जाम की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। वही नगर पंचायत द्वारा समुचित व्यवस्था ना करना व स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम ना करने के कारण सड़के जाम हो जाती हैं ।जिससे बाहर से आए हुए श्रद्धालु स्थानीय नागरिक और स्कूल के छात्र जाम में फंसे हुए नजर आते हैं ।और इनकी बेचैनियां समय बीतने के साथ-साथ बढ़ती जाती हैं।घंटों फंसे जाम में लोगों की परेशानियां बढ़ती जाती है ।किंतु पुलिस का एक भी नुमाइंदा वहां नजर नहीं आता है ।इस दौरान समस्याओं से निजात पाने के लिए कोई न कोई समाजसेवी आगे बढ़कर सामने आता है और गाड़ियों को एक-एक करके पास करा कर रास्ते को खाली करवाने का काम करता है ।ऐसे में पुलिस की नाकामी खुल कर सामने आती है ।क्या बसखारी पुलिस अपने कर्तव्य का पालन कर रही है ।चारों ओर पुलिस की छीछालेदर तो हो ही रही है।क्योंकि ऐसी स्थितियों में अक्सर लोगों की जुबान पर पुलिस निष्क्रियता का एहसास होने लगता है।यदि पुलिसकर्मी यहां मौजूद होते तो शायद जाम की समस्या ना बनता। आड़े तिरछे खड़े रोड के किनारे वाहन परेशानी का सबसे बड़ा सबब बन जाता हैं ।एनी बानो के आड़े तिरछे खड़े होने के कारण और जाम की स्थिति बन जाने के कारण लोग रास्ते के चक्कर में दाएं बाएं से निकलने का प्रयास करते हैं तो वही फूलों पर लगे बिजली के तार भी टूट कर गिर जाते हैं जो मौत का सबब किसी भी वक्त बन सकता है।फोन से टूटा बिजली का तार जमीन पर मौत का दावत दे रहा है और सोने पर सुहागा तब जब बरसात का पानी उसी पॉल के पास इकट्ठा हो गया जो कि एक भयावह स्थिति को पैदा कर सकती है।जिसके लिए नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के जिम्मेदार अधिकारी व ठेका संचालक करने वाले एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन इसकी पूर्ण रूप से जिम्मेदारी मानी जाती है।वही नाम ना छापने की शर्त पर दर्शन के लिए श्रद्धालु के वाहन चालक ने बताया कि वाहन खड़ा करने की वसूली तो की जाती है किंतु वाहन को खड़ा करने के लिए समुचित स्थान नहीं दिया जाता है।जिससे हर वक्त यह डर लगा रहता है कि कहीं वाहन में कोई नुकसान ना हो जाए ।तो वही पुलिस द्वारा भी उटपटांग बातें सुनने को मिलती हैं ।इसलिए यहां पर वाहनों को खड़ा करने के लिए समुचित व्यवस्था की जरूरत है ‌जिससे हम श्रद्धालुओं को समस्या का सामना ना करना पड़े

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